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ब्लॉग्स (66)
अभिनव बिंद्रा, की कोशिश से स्वर्ण किरण ,मेरे आँगन में बिखरीं , और वो जो -वो पैरों से नहीं हौसलों से चलता है !" जी हाँ वो जो तारे जमीं पर, ले आता है .....जी हाँ वो जीमज़दूर है किसान है जी हाँ वही जो आभास -दिलाता है सुइश्मीत , सी यादें जो पलकों,की किनोरें ... आगे पढ़ें...

जी हर बार की तरह हम इस बार भी१५ अगस्त मनाएंगे जन गन मन गाएंगे हम देश भक्त हैं साबित करने ए० आर० रहमान के गीत "माँ तुझे सलाम " गुनगुनाएँगे.फ़िर बाल बच्चों के साथ छुट्टी मनाएंगे हम लोग भाई अपने को बड़ा राष्ट्र प्रेमी साबित करने पे तुले हैं।ये अलग बात है कि ... आगे पढ़ें...

सुना है कि पानी से डरते थे इश्मित भैया.....?मम्मी,भगवा... आगे पढ़ें...

जबलपुर का प्रतिभा शाली आभास पूनम सिन्हा की पसंद हैं . इस बात की जान कारी सभी उसके साथियों को है.पिछले दिनों शत्रु और रेखा को लेकर पूनम की फ़िल्म आज फ़िर जीने की तमन्ना है शुरू हुई तो ज्ञात हुआ की उसमे जैसे गवैये पुत्र की तलाश इस कहानी को है वो बात शायद ... आगे पढ़ें...

सुनो प्रिया मैं गाँव गया थाभईयाजी के साथ गया थाबनके मैं सौगात गया थाघर को हम दौनों ने मिलकरदो भागों मैं बाँट लिया थाअपना हिस्सा छाँट लिया थापटवारी को गाँव बुलाकरसौ-सौ हथकंडे आजमाकरखेत बराबर बांटे हमनेपुस्तैनी पीतल के बरतनआपस मैं ही छांटे हमनेफ़िर खवास से ... आगे पढ़ें...

प्रिया तुम्हारी पैजन छम-छम,बाजे मन अकुलाए।जोगी मन को करे बिजोगी,नैनन नींद चुराए।।बोले जो मिसरी रस घोले,शकन हरे पूछ के कैसे?बसी श्यामली मन में,धड़कन का घर हिय हो जैसे,मिलन यामिनी, मद मदिरा ले, जग के दु:ख बिसराए।कटि नीचे तक, लटके चोटी,चंद्र वलय के से दो ... आगे पढ़ें...

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