ज्योतिष सम्बन्धी निराकरण के लिए नि:शुल्क परामर्श हेतु ज्योतिषविद माधवसिंह जी द्वारा ब्लॉग शीघ्र ही प्रारंभ किया जा रहा है . जो सोमवार 05/01/2009 से प्रारंभ किया जा सकेगा . इस ब्लॉग पर यथा सम्भव ज्योतिष पर केंद्रित आलेख ,साप्ताहिक-मार्ग-दर्... आगे पढ़ें...
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 जबलपुर 29 दिसम्बर 2008जबलपुर के श्रीराम ठाकुर "दादा",व्यंग्यकार लघु कथाकार श्री राम ठाकुर दादा का अल्प बीमारी के उपरांत दु:खद निधन हो गया। अपनी सत्यवादिता एवं विनोद के पर्याय एवं मित्रता के निर्वहन के लिए मशहूर दादा को कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए । ... आगे पढ़ें...
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मेरे मित्र माधव सिंह यादवजिन्हौने आभास के सैलिब्रिटी बनने का ऐलान किया था मानतें हैं कि :-"चांडाल योग राष्ट्र नहीं वरन उन लोगों के लिए मतिभ्रम का कारक होगा जो कि किसी ऊँचे पद पर आसीन हों अथवा जिनका सार्वजनिक जीवन समाज के लिए आवश्यक हो ।" इन उच्च पदस्थ एवं ... आगे पढ़ें...
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 बाल श्रम अधिनियम का उल्लंघन केवल होटलों कन्टीनो तक ही सीमित नहीं वरन कला के नाम पर हर जगह पैसा कमाने की गरज इसका उल्लंघन जारी है. इसके आधार में पेट की भूख हो अथवा यश की . अपने बच्चे को क़ानून की परवाह किए बिना जो माँ-बाप व्यावसायिक गतिविधि का हिस्सा बना ... आगे पढ़ें...
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मन तपस्वी बना देखता ही रहा,दर्द् ने गीत् पे हस्ताक्षर किए.आस्था की दवा गिर गयी हाथ से,दूर साथी हुए साथ थे जो मेरे !*********अनचेते अमलतास नन्हेंकतिपय पलाश।रेणु सने शिशुओं-सीनयनों में लिए आस।।अनचेते चेतेंगेंसावन में नन्हेंइतराएँगे आँगन मेंपालो दोनों को ढँक ... आगे पढ़ें...
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आज जबलपुर के अखबारों में छ्पी एक ख़बर "एक मानसिक रूप से विक्षिप्त से....... छि..........." उस औरत को ये हराम जादे "मुमताज़" कहते थे । इन लोगों ने बेचारी विक्षिप्ता के साथ दुराचार तो किया ही साथ ही साथ उसे शारीरिक चोट पहुंचा कर घायल अवस्था में सड़क पर फैंक ... आगे पढ़ें...
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भारत के लोग आँसू क्रोध वितृष्णा से भर गया है। उधर से ख़बर आ रही है की पड़ोसी ने सहयोग से इनकार कर दिया है । कोई चिंता न की जाए ....... बस अब भारत कठोर हो जाए। आसिफ अली ज़रदारी का बयान आ ही गया है "कि पाक का हाथ नहीं "न ही पकडा गया आतंकी पाकी है । इस झूठ ... आगे पढ़ें...
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कला बुआ वाला भोपालमामाजी वाला भोपालमेरा नही हम सबका भोपालजिसे निगला था मिथाइल आइसो सायानाईट केधुंएँ ने जोसमा गया था देहों में उन देहों मेंजो निष्प्राण हो गयींजो बचीं वे ज़र्ज़र आज भी कांपते हुए जी रहीं हैंउनमे मेरी कला बुआ जो देह में बैठे प्राण को ... आगे पढ़ें...
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भारत सरकार के नए विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी का ताज़ा बयान स्पष्ट करता है कि देश की अस्मिता को अब चुनौती देना आसान कदापि नहीं है. सही साधा सटीक इरादा ज़ाहिर किया है सरकार नें इस मसले पर सभी की एक धारणा एक संकल्प होना चाहिए . ताकि कड़ाई जारी रहे. आतंक और ... आगे पढ़ें...
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"मेरे प्रिय "वंदे-मातरमयदि देश की अस्मिता और देश को बचाना है तो चलिए इसदेश को चुनावी अखाडे में तब्दील होने से बचाएं , सब के सबएक सुर में गायें "शुजलाम सुफलाम् मलयज शीतलाम "हम को तय कराना ही होगा"तय करो की वोट बचाना है या की देश " आगे पढ़ें...
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आ मीत लौट चलेंआ ओ मीत लौट चलें गीत को सुधार लेंवक़्त अर्चना का है -आ आरती संवार लें ।भूल हो गई कोई गीत में कि छंद मेंया हुआ तनाव कोई , आपसी प्रबंध मेंभूल उसे मीत मेरे सलीके से सुधार लें !छंद का प्रबंध मीत ,अर्चना के पूर्व होसमेटी सुरों का अनुनाद भी अपूर्व ... आगे पढ़ें...
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 माचिस की तीली के ऊपर बिटिया की से पलती आगयौवन की दहलीज़ को पाके बनती संज्ञा जलती आग .********एक शहर एक दावानल ने निगला नाते चूर हुएमिलने वाले दिल बेबस थे अगुओं से मज़बूर हुएझुलसा नगर खाक हुए दिल रोयाँ रोयाँ छलकी आग !********युगदृष्टा से पूछ बावरे, ... आगे पढ़ें...
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b>पंकज स्वामी गुलुश नें बताया की ज्ञान जी ने अपना निर्णय सूना ही दिया की वे पहल को बंद कर देंगे कबाड़खाना ने इस समाचार को को पहले ही अपने ब्लॉग पर लगा दिया था. व्यस्तताओं के चलते या कहूं तिरलोक सिंहहोते तो ज़रूर यह ख़बर मुझे समय ... आगे पढ़ें...
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"विषय ,जो उगलतें हों विषउन्हें भूल के अमृत बूंदों कोउगलतेकभी नर्म मुलायम बिस्तर सेसहज ही सम्हलतेविषयों पर चर्चा करेंअपने "दिमाग" मेंकुछ बूँदें भरें !विषय जो रंग भाषा की जातिगढ़तें हैं ........!वो जो अनलिखा पढ़तें हैं ...चाहतें हैं उनको हम भूल जाएँकिंतु ... आगे पढ़ें...
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 मुक्तिबोध की ब्रह्मराक्षस का शिष्य, कथा को आज के सन्दर्भों में समझाने की कोशिश करना ज़रूरी सा होगया है । मुक्तिबोध ने अपनी कहानी में साफ़ तौर पर लिखा था की यदि कोई ज्ञान को पाने के बाद उस ज्ञान का संचयन,विस्तारण,और सद-शिष्य को नहीं सौंपता उसे मुक्ति का ... आगे पढ़ें...
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