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28 मार्च, 2009


ब्लॉग्स (1)
हमने सड़क पर एक बैसाख नन्दन का दूसरे बैसाख नन्दन का वार्तालाप सुना {आपको समझ में नहीं आएगी उनकी आपसी चर्चा क्योंकि अपने भाई बन्दों की भाषा हम ही समझ सकतें हैं ।} आप सुनना चाहतें हैं..........?सो बताए देता हूँ हूँ भाई लोग क्या बतिया रहे थे :पहला :-भाई ... आगे पढ़ें...