Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

मुझे जिस्म मत कहो




अदेह के सदेह प्रश्न कौन गढ़ रहा कहो

गढ़ के दोष मेरे सर कौन मढ़ रहा कहो ?

ुझे जिस्म मत कहो चुप रहो मैं भाव हूँ

तुम जो हो सूर्य तो रश्मि हूँ प्रभाव हूँ !!

मुझे सदा रति कहो ? लिखा है किस किताब में

देह पे ही हो बहस कहा है किस जवाब में

नारी हैं बस देह नहीं प्रचंड अग्निपुंज भी

मान जो हमें मिले हम हैं शीतलकुञ्ज भी !

चीर हरण मत करो मत हरो मान मीत

महाभारत का तुम्हें होगा तो ज्ञान मीत

प्रतिक्रियाएँ

Re: मुझे जिस्म मत कहो
Excellent.not only in expression and content but in metre also ! wish it should hve been longer one !
अस्वीकरण