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15 अक्टूबर, 2008


ब्लॉग्स (1)
इस बीहड़ से गुज़रते मुझे बड़े ही डरावने से लगे थेओ समयतुम जो प्रिया के इंतज़ार के वक्तकितने अपने से .......?समय तुम ही न थे जो मुझे अपमानित कर गए थेहाँ तब जब माँ का शव लाया गयाऔर उभर आयीं थीनिस्तब्धाताएं एक साथ मेरे साथ तुम भी रुदन कर रहे थेहाँ और तब भी ... आगे पढ़ें...